Rashmi Mamgain
साथ तेरा मिले ज़िन्दगी के लिए
साथ तेरा मिले ज़िन्दगी के लिए,
और हो ज़िन्दगी सिर्फ़ तेरे लिए।
इन अँधेरों ने जब-जब है घेरा हमें,
इक नई भोर आई उजाले लिए।
इस जहाँ के सभी दिल हुए एक पर,
प्यास रक्खी फ़िज़ा ने हमारे लिए।
ज़िन्दगी का भरोसा नहीं कल हो क्या,
क्यूँ जिएँ ख़्वाब मन में अधूरे लिए।
चल पड़े हैं सफ़र पर नए रश्मि हम,
बोझ सबके दिलों का अकेले लिए।
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