हैं कहाँ आज ज़माने में निभाने वाले..poetess Rashmi Mamgain

Rashmi Mamgain 🌹
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हैं कहाँ आज ज़माने में निभाने वाले

हैं कहाँ आज ज़माने में निभाने वाले
ढूंढ के लाना ज़रा साथ में जाने वाले।
रूठ कर मुझको हमेशा यूँ सताने वाले
नाज़ नख़रों से मेरे दिल को जलाने वाले।
अलहदा है ये जहाँ रीत बड़ी बेढंगी
मिलते ज़ख़्मों पे नमक रोज़ लगाने वाले
हमने ये सोच के हीं नींद गँवाई यारों
क्यूँ हमें देख के जलते हैं ज़माने वाले।
है ग़ज़ब तेरी अदा और तेरी बातें भी
मेरी रातों से मेरी नींद चुराने वाले।
मेरे नग़्में मेरे अशआर ये सब तेरे हैं
अपनी धड़कन में मेरे गीत बसाने वाले।
यूँ न इतरा के चलो देखो ज़रा मुड़कर भी
'रश्मि' राहों में खड़े दिल को लुटाने वाले।
🌹 रश्मि ममगाईं 🌹

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