ज़िन्दगी तुम बिन भला क्या दोस्तो ..poetess Rashmi Mamgain

ज़िन्दगी तुम बिन भला क्या दोस्तो


ज़िन्दगी तुम बिन भला क्या दोस्तो
हर घड़ी महफ़िल अगर तुम सँग रहो।
नफ़रतों को छोड़कर आगे बढ़ो
दरमियाँ हैं जो दीवारें तोड़ दो।
दूरियां दिल में न रखना अब सुनो
मैं बनू तुम जैसी तुम मुझसा बनो।
मंज़िलें तो हमसे रुसवा हो गई
कब तलक़ तुम साथ दोगे रास्तो।
मैल दिल के ये सभी धुल जाएंगे
दिल के दरवाजे ज़रा सा खोल दो।
है क़सम मेरी तुम्हें ऐ जाने जां
दिल में है क्या आज सब खुलकर कहो ।
"रश्मि" क्या सौदा गज़ब दिल का किया
भूल कर भी याद रक्खा आपको।

🌹रश्मि ममगाईं 🌹
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