Rashmi Mamgain

ज़िन्दगी ख़्वाहिशों का मेला है

ज़िन्दगी ख़्वाहिशों का मेला है
सब मिला पर लगे कि थोड़ा है।

होगा वो जो लिखा लकीरों में
उसने सब कुछ ही सोच रक्खा है।

चाँद भी अब लगे है फीका सा
आज उनको जो हमने देखा है।

आशियाना बनेगा ख़्वाबों का
ख़्वाब तेरा है ख़्वाब मेरा है।

कुछ घड़ी तो रुको अभी साजन
धड़कनों पे ख़ुमार छाया है।

साथ क़िस्मत में है लिखा अब तो
उसके हाथों में मेरी रेखा है।

"रश्मि" दिल पर है राज उसका ही
प्यार से भी सनम वो प्यारा है।

🌹रश्मि ममगाईं🌹