सिर्फ़ ख़्वाबों में तुम यूँ न खोये रहो,..poetess Rashmi Mamgain

Rashmi Mamgain
सिर्फ़ ख़्वाबों में तुम यूँ न खोये रहो,

सिर्फ़ ख़्वाबों में तुम यूँ न खोये रहो,
ज़िद करो पाने की और पा के रहो।

मुश्किलों को कहीं छोड़कर राह में
है दुआ उम्र भर मुस्कुराते रहो।

मौसमों की तरह सब बदलते हैं अब
आप जैसे हो वैसे के वैसे रहो।

गीत ग़ज़लें व नग़्में कहें जब भी हम
पास बैठे रहो हमको सुनते रहो।

ज़िन्दगी हर क़दम आज़माएगी पर
कर बुलँद हौंसले आगे बढ़ते रहो।

साथ जन्मों का ये अब न छूटे कभी
हर जनम में सनम तुम हीं मेरे रहो।

इश्क़ जब है किया तो है डर क्या भला
मोम बनकर जलो फ़िर पिघलते रहो।

ज़िन्दगी का सफ़र है कठिन ये सनम
थाम कर हाथ तुम साथ चलते रहो।

आसमां छूने की रश्मि जो ठान ली,
तो किसी डर बिना ख़्वाब बुनते रहो।

🌹रश्मि ममगाईं🌹


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