नयनों ही नयनों में जो सब सौदे ये हुए हैं,...poetess Rashmi Mamgain

 

नयनों ही नयनों में जो सब सौदे ये हुए हैं,
नयनों ही नयनों में जो सब सौदे ये हुए हैं,
अब ख़ुद को भूल के हम तो आपके हुए हैं।

छू लेंगें आसमां को भरके उड़ान ऊँची
आबाद मुश्किलों से ये हौसले हुए हैं।

है शर्म का ये चिलमन हम कह न पाएँ दिल की
तुम मौन मेरा पढ़लो ये लब सिले हुए हैं।

हमसे न खेलना तुम नादान यूँ समझ के
हमने तो पंछियों के भी पर गिने हुए हैं।

सुन रश्मि बात मेरी चलना ज़रा सँभल के
फूलों के बीच में ही कांटे उगे हुए हैं।

🌹रश्मि ममगाईं🌹
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उत्तराखंड की लगूली

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