Rashmi Mamgain

वही होगा जो उस रब ने लिखा है

वही होगा जो उस रब ने लिखा है
यही तो ज़िन्दगी का फ़लसफ़ा है।

मुहब्बत की यही बस इक सज़ा है
कि इसमें दर्द ही बस इक दवा है।

गुलों से है मुहब्बत हमको लेकिन
कहां कांटों से भी हमको गिला है।

ज़रा खुलकर के जी लो ज़िन्दगी में
इसी में ज़िन्दगी का भी मज़ा है।

यकीं हो जिसको अपने हौसलों पर
झुकाने से कहाँ वो सर झुका है।

🌹रश्मि ममगाईं🌹