Rashmi Mamgain

फूल के सँग मिलेंगे कांटे भी

फूल के सँग मिलेंगे कांटे भी
छोड़ देते हैं साथ साये भी।

बीच दरिया में हम जो डूबे तो
काम आए नहीं सफ़ीने भी।

दिल में जज़्बात हैं बहुत लेकिन
दंभ देता नहीं है रोने भी।

कश्मकश है अजब सी ये दिल में
याद रक्खें उन्हें कि भूले भी

"रश्मि" यादों में रात गुज़री यूँ
नींद खोकर के खूब रोये भी।

सफ़ीने - किश्तियाँ

🌹रश्मि ममगाईं🌹