Rashmi Mamgain


है ज़िन्दगी तो मौत नुमाया ज़रूर है।

है ज़िन्दगी तो मौत नुमाया ज़रूर है।
रोकर जियें कि हँसके ये जीना ज़रूर है।

धड़कन भी जिसके नाम से बेसाख्ता बढ़ी,
गहरा सा उनसे कोई तो रिश्ता ज़रूर है।

जज़्बात दिल के दिल में ही अब रह न जाए ये
जो दिल में है वो बात भी कहना ज़रूर है।

दिन रात मेरी राह में आकर खड़ा है जो
पैग़ाम लेके प्यार का आया ज़रूर है।

ताउम्र जिनके नाम से ये ज़िन्दगी चली
पोशीदा है ये ख़्वाब कि मिलना ज़रूर है।

हैं बेवजह की कोशिशें, बेबात का रोना
जो है लिखा नसीब में होता ज़रूर है।

अब "रश्मि" ज़िन्दगी से हमें मोह क्या भला
है इक सफ़र ये ज़िन्दगी जाना ज़रूर है।

🌹रश्मि ममगाईं🌹