बिन तेरे हम सनम अधूरे हैं
बिन तेरे हम सनम अधूरे हैं
साथ हो तुम तो पूरे सपने हैं।
ये मुहब्बत के कैसे सौदे हैं
हार कर दिल ये हमने पाए हैं।
साथ देखे हैं आज जो हमने
ख़्वाब तेरे ही ख़्वाब मेरे हैं।
तू नहीं ग़र सनम जो पास मेरे
बेवज़ह फिर ये सब नज़ारे हैं।
रश्मि ख़ुद को भी भूल जाए तब
आप जब भी क़रीब होते हैं।
रश्मि ममगाईं 
बिन तेरे हम सनम अधूरे हैं
साथ हो तुम तो पूरे सपने हैं।
ये मुहब्बत के कैसे सौदे हैं
हार कर दिल ये हमने पाए हैं।
साथ देखे हैं आज जो हमने
ख़्वाब तेरे ही ख़्वाब मेरे हैं।
तू नहीं ग़र सनम जो पास मेरे
बेवज़ह फिर ये सब नज़ारे हैं।
रश्मि ख़ुद को भी भूल जाए तब
आप जब भी क़रीब होते हैं।
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