प्रीत दिल से सनम निभाई है ..poetess Rashmi Mamgain

प्रीत दिल से सनम निभाई है


प्रीत दिल से सनम निभाई है
किस्मतों से ये हमने पाई है।
तू अगर साथ है तो फिर ग़म क्या
आज की बस यही कमाई है।
बेख़बर बेक़दर हुए रिश्ते
कैसा आलम है ये दुहाई है।
हर क़दम साथ जो चले मेरे
मेरा हमदम मेरा शैदाई है।
रश्मि गाती है यूँ जिसे हरदम
प्रेम का गीत है रुबाई है।

🌹रश्मि ममगाईं 🌹
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