प्रीत दिल से सनम निभाई है


प्रीत दिल से सनम निभाई है
किस्मतों से ये हमने पाई है।
तू अगर साथ है तो फिर ग़म क्या
आज की बस यही कमाई है।
बेख़बर बेक़दर हुए रिश्ते
कैसा आलम है ये दुहाई है।
हर क़दम साथ जो चले मेरे
मेरा हमदम मेरा शैदाई है।
रश्मि गाती है यूँ जिसे हरदम
प्रेम का गीत है रुबाई है।

🌹रश्मि ममगाईं 🌹
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