बड़ी क़ातिलाना तुम्हारी अदा है..poetess Rashmi Mamgain


Rashmi Mamgain
बड़ी क़ातिलाना तुम्हारी अदा है

बड़ी क़ातिलाना तुम्हारी अदा है
बता हुस्न इतना कहाँ से मिला है।

है गालों पे लाली गुलाबों के जैसी,
कि नज़रों में हाला मिलाया हुआ है।

करुं जान कैसे बयां हुस्न तेरा,
लगे चाँद धरती पे आया हुआ है।

है नागिन के जैसी लचक गेसुओं में
तेरे गेसुओं पर ये दिल आशना है।

ग़ज़ल गीत मेरे सभी नाम तेरे,
हरिक शब्द में रश्मि तुझको लिखा है।

🌹रश्मि ममगाईं🌹


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